अनुसंधान
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मुंबई की स्थापना 1958 में हुई थी और सिविल अभियांत्रिकी विभाग इसकी स्थापना के समय से ही संस्थान का एक अभिन्न अंग रहा है। इस विभाग ने इन्हीं वर्षों में बेहतरीन विकास किया है। अब इसने भारत में एक बृहद सिविल अभियांत्रिकी विभाग के रूप में मान्यता प्राप्त कर ली है। इस विभाग ने देश एवं विदेश दोनों ही जगहों पर भवन एवं निर्माण उद्योग और शैक्षिक एवं अनुसंधान के साथ सुदृढ़ सम्बन्ध विकसित किया है। अवर स्नातक एवं स्नातकोत्तर दोनों ही स्तरों पर उच्च गुणवत्तापूर्ण अध्यापन एवं शिक्षण के अलावा यह विभाग मौलिक एवं अनुप्रयुक्त अनुसंधान और परामर्श में सक्रिय रूप से शामिल है और विभिन्न संगठनों को कई प्रकार की अनुसंधान और विकास परियोजनाओं के माध्यम से उच्च गुणवत्ता के तकनीकी परामर्श देता है। बहुयामी प्रतिभा सम्पन्न संकायों की सहायता से सिविल अभियांत्रिकी विभाग देश तथा विदेश के संरचना उद्योगों और शैक्षिक एवं अनुसंधान संस्थानों से सुदृढ़ सम्बन्ध बनाए रखा है और बनाता ही जा रहा है।
प्रयोगशाला सुविधाएँ
इस विभाग के पास सिविल अभियांत्रिकी में अध्यापन अनुसंधान एवं परामर्शद कार्य करने की उत्कृष्ट सुविधाएँ हैं। विभाग की कुछ महत्वपूर्ण सुविधाएँ हैं :
- संरचनात्मक अभियांत्रिकी प्रयोगशाला
- कंक्रीट प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला
- प्रायोगिक यांत्रिकी प्रयोगशाला
- भारी संरचना प्रयोगशाला
- सूदूर संवेदन प्रयोगशाला
- भू गणित प्रयोगशाला
- वैश्विक स्थिति निर्धारण प्रणाली प्रयोगशाला
- फोटोग्राममिति एवं सुदूर संवेदन प्रयोगशाला
- भू-तकनीकी अभियांत्रिकी प्रयोगशाला
- मृदा यांत्रिकी प्रयोगशाला
- भू-टेक्सटाइल एवं भू-सिंथेटिक प्रयोगशाला
- भू-पर्यावरणी प्रयोगशाला
- राष्ट्रीय भू-तकनीकी अपकेन्द्रित सुविधा
- जल संसाधन अभियांत्रिकी प्रयोगशाला
- जलगतिकी अभियांत्रिकी एवं द्रव यांत्रिकी प्रयोगशाला
- परिवहन प्रणाली अभियांत्रिकी प्रयोगशाला
- महामार्ग पदार्थ परीक्षण प्रयोगशाला
- यातायात अभियांत्रिकी प्रयोगशाला
- परिवहन नियोजन प्रयोगशाला
- अभिकलनी प्रयोगशालाएँ
- अवर-स्नातक प्रयोगशाला
- स्नातकोत्तर प्रयोगशाला
- कृत्रिमबुद्धि प्रयोगशाला